मोहन फाउंडेशन के स्वयंसेवक

मोहन फाउंडेशन अपने अंग-दान के अभियान के लिये स्वयंसेवको पर निर्भर करता हैं। जो स्वयंसेवक होते हैं वे ही निःस्वार्थ भावना से किसी भी मुहीम को आगे बढ़ाते हैं। मोहन फाउंडेशन को अपने स्वयंसेवकों पर गर्व हैं, जिन के कारण यह मुहीम आगे बढ रही हैं।

स्वयंसेवक (वालंटियर) कौन हो सकता है:

एक छात्र, एक कर्मचारी,  दाता परिवार, प्राप्तकर्ता या  उनके परिवार, रिश्तेदार, दोस्त, डॉक्टर, चिकित्सा पेशे से जुड़े हुये, गैर सरकारी संगठन / सी.एस.ओ / एसोसिएशन का सदस्य या कोई भी आम व्यक्ति स्वयंसेवक बन सकते हैं। मोहन फाउंडेशन का स्वयंसेवक बनने के लिये  बस केवल एक ही योग्यता की जरूरत हैं और वह हैं अंग-दान के महत्व को समझ कर इस अभियान से जुड़ने की इच्छा और भावना।

स्वयंसेवक के रूप में कैसे मदद कर सकते हैं?

स्वयंसेवक निम्न तरीको से अपना सहयोग दे सकते हैं –

  • विद्यार्थी वालंटियर: स्कूलों और कॉलेजों में अंग दान पर शिक्षा / जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।
  • कार्यक्रम वालंटियर: इन वालंटियर का काम जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने में मदद करना, मैराथान, दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन करना, ट्राँसप्लांट खेल, सेमिनार, अस्पताल में जागृतता कार्यक्रम, वार्षिक कार्यक्रम, कार्यक्रमों के लिए पोस्टर और बैनर डिजाइन करने में मदद करना, इत्यादि।
  • अनुदान संचयन वालंटियर: संभावित वित्तीय दाताओं को प्रसारित करने के लिए जानकारी इकट्ठा करना और इन गतिविधियों और संसाधनों को बढाने के लिये योजना बना कर उन्हें निष्पादित करना जैसे डेटाबेस तैयार करना, मेलर्स तैयार करना इत्यादि।
  • सोशल मीडिया अभियानक (कैंपेनर): विभिन्न सोशल मीडिया वेबसाइटों के माध्यम से समुदाय के सभी वर्गों तक पहुँचने में हमारी मदद करना।

परिवर्तन के दूत

 “एन्जिल्स ऑफ चेंज” जिसमें चयनित स्वयंसेवकों को अंग दान पर जागरूकता पहल करने में सक्षम करने के लिए उन्हें एक अनुकूलित प्रशिक्षण मॉडल के माध्यम से तैयार किया जाता है। जिससे वे विभिन्न दर्शकों के बीच प्रेजेंटेशन कर सके।

इस कार्यशाला का आकार केवल 30 तक सीमित है। यह लोगो की समय उपलब्धता के आधार पर 3-4 घंटे का प्रशिक्षण है। इसमें बुनियादी जागरूकता सत्र, चर्चा, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, प्राप्तकर्ता या दाता परिवारों के साथ बातचीत और विशेषज्ञों के साथ बैठक शामिल है। हम सभी का स्वागत करते हैं कि यह “एन्जिल्स ऑफ़ चेंज” स्वयंसेवक प्रशिक्षण पहल का एक हिस्सा है। प्रशिक्षण के बाद, स्वयंसेवकों से दो जन जागरूकता वार्ता या अभियान चलाने की अपेक्षा की जाती है। यह प्रशिक्षण  मोहन फाउंडेशन के कर्मचारियों के मार्गदर्शन में किया जाएगा। हर प्रशिक्षार्थी को एक पूर्णता का प्रमाण पत्र मिलता है।

मोहन फाउंडेशन की सदस्यता के लाभ :

मोहन फाउंडेशन आपको अपनी वेबसाइट पर बिताए समय के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ मूल्य’ प्रदान करता है। मोहन फाउंडेशन के साथ पंजीकरण कर के आप यह सभी मुफ्त पा सकते हैं।

  • अंग दान स्लाइड
  • आई.टी.एन (न्यूज लेटर) अभिलेखागार
  • जीवन दान … के पोस्टर
  • मोहन फाउंडेशन – पु्स्तिका
  • मोहन फाउंडेशन – वार्षिक रिपोर्ट