पाठ्यक्रम

मोहन फाउंडेशन अपने संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों का एक स्वंयं-सेवक दल (कैडर) बनाता है, जो “ट्रांसप्लांट कॉऑर्डिनेशन एंड ग्रीफ काउंसलिंग” को समर्पित है। इस स्वंयं-सेवक दल का काम ट्रांसप्लांट की गतिविधियों का समन्वय कर के, मरीज के परिवार को इस असीम दु:ख के समय भावनात्मक सहयोग और परामर्श देना है। भारत और दक्षिण एशिया का यह पहला अनोखा ‘भारतीय मॉडल’, लागत प्रभावी, सहयोगात्मक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील है।

प्रत्यारोपण समन्वयक अंग दान और प्रत्यारोपण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत में, ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स (अमेंडमेंट) एक्ट, 2011 ने ट्रांसप्लांट कॉऑर्डिनेटर का नामांकन अनिवार्य कर दिया है, इससे पहले कि अस्पताल को ट्रांसप्लांट केद्र के रूप में पंजीकृत किया जाए। भारत में हाल के वर्षों में प्रत्यारोपण केंद्रों की बढ़ती संख्या ने प्रशिक्षित प्रत्यारोपण समन्वयकों की तत्काल आवश्यकता पैदा की है।

प्रत्यारोपण समन्वयक अंग दान और प्रत्यारोपण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे ब्रेन डेड मरीजों के परिवारों को भावनात्मक सहयोग और अंग दान के बारे में परामर्श देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राप्तकर्ता प्रत्यारोपण समन्वयक अंत-चरण के अंग विफल रोगियों के साथ मिलकर काम करते हैं, जिससे उन्हें प्रत्यारोपण के साथ-साथ पूर्व और बाद के प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी मिलती है।

प्रशिक्षण में अंग-दान, प्रत्यारोपण के समय अस्पताल में होने वाली गतिविधीयों के ताल-मेल, दु:ख-परामर्श देने के साथ-साथ चिकित्सा, कानूनी, नैतिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम आमने-सामने और ऑनलाइन (ई-लर्निंग) दोनों ही रूप में आयोजित किए जाते हैं। सर्जनों और जनता के लिए ऑनलाइन (ई-लर्निंग) पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की अवधि एक महीने और एक वर्ष है।

डॉ. सुमना नवीन

पाठ्यक्रम निदेशक

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ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर  (समन्वयक) ट्रेनिंग और पाठ्यक्रम:

योग्यता-

क) चिकित्सा की किसी भी मान्यता प्राप्त प्रणाली का स्नातक; या

(बी) नर्स; या

(सी) किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री और सामाजिक रूप से मास्टर डिग्री काम या मनोचिकित्सा या समाजशास्त्र या सामाजिक विज्ञान या सार्वजनिक स्वास्थ्य

    • एक हफ्ता
    • एक महीना
    • एक साल (मिश्रित शिक्षण-ई-लर्निंग और आमने-सामने संपर्क सत्र) – https://el.mohanfoundation.org/course/index.php

 

सम्मेलन / कार्यशाला की पंजीकरण प्रक्रिया:

एक महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम (ट्रेनिंग प्रोग्राम) में अधिकतम 25 छात्रों का सीमित स्थान हैं। पंजीकरण के लिए आवेदन व्यक्तिगत उम्मीदवारों के अलावा अस्पतालों या संगठन जो अंग-दान के कार्य से जुड़े हुये हैं, उनके द्वारा प्रायोजित उम्मीदवार स्वीकार किए जाएंगे।

नियुक्‍ति:

ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर को नौकरी के लिये मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। विभिन्न पाठ्यक्रम उम्मीदवार को रोजगार की तलाश के कई अवसर प्रदान करते हैं । इसमें शामिल है:

1) ट्रांसप्लांट करने वाले अस्पतालों में

2) इस क्षेत्र में काम करने वाले एन.जी.ओ. में

3) आई.सी.यू (ICU)  में रिश्तेदारों की काउंसलिंग के लिए ।

मोहन फाउंडेशन में प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) :

सभी इंटर्न (प्रशिक्षुतों) को जीवन सदस्य बनना आवश्यक  है।

  • मोहन फाउंडेशन इंटर्न को वजीफा प्रदान किया जाएगा।
  • इसका भुगतान दूसरे महीने के अंत में किया जाएगा, एक महीने का पूरा होने और प्रदर्शन की संतोषजनक रिपोर्ट होने पर।
  • छोटी अवधि (एक महीने और उससे कम) के लिए इंटर्न कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। आवास और स्थानीय यात्रा के सभी खर्चे इंटर्न द्वारा वहन किये जाएगे।